चहचहाइत चिड़इ-चुनमुन्नी हमरा बड्ड नीक लगैत अछि तेँ हम बाजोसँ प्रेम करैत छी मुदा पड़बा हमरा सभसँ प्रिय अछि ताहीसँ अपना …
जिनगी छै हिरा,जिनगी हेयौ छै सोनमा जियब त, मुल्कह अर्जबे करबै यौ धनमा चित्र: दैनिक जागरणसँ तँए हराउ कोरोनमा! भगाउ को…
अहाँ मिथिलाके नारी छी पूर्णिमाके चान अहाँ नेह भरल कोसी - बलान अहाँ गजल अहाँ गीत अहाँ साधना सँ भरल संगीत अहाँ सु…
गामक बहरानमे हमर खोपरीबला घर घरक आगु दहिना कात दूरा पर रोपल एकटा आमक गाछी गाछीके धोधिमे लुधकल …
गजल - ४ ओकर चक्करमे इ छाैड़ा तबाह भ' गेलै पहिने केहेन छलै शांत आब कटाह भ' गेलै एक दिन खूव हँसैत-गबैत छे…