मैथिली गजल: हृदयके घाह चोखाइत अछि आब मोन रसे रस दुखाइत अछि आब हृदयके घाह चोखाइत अछि आब चान सुरु हम कि करू, अहीँ लिअ भ…
अहाँक मूँह खलनायकक मुठानसन अहाँक मुसकान शिकारीक बानसन अहाँक स्वभाव धोखेबाज प्रेमीसन अहाँक चलनाइ घोडाक चालिसन अहाँक आश…
Binit Thakur केहन सपना हम मीता देखलौँ भोर में । माय मिथिला जगाबथि भरल नोर में ।। कहथि रने वने घुमी अपन अधिकार लेल । छैं…
घमण्डक बीज लगाक' नफरत उब्जा रहल छी एक-दोसराके गरदनी काटिक' खुन सँ नहा रहल छी नहि किछु ल'क' एलौ, नहि किछ…